चूहा और लालची किसान की कहानी | Moral Story in Hindi
(एक शिक्षाप्रद लोककथा)
यह Hindi moral kahani एक Indian village moral story Hindi है, जो greed vs kindness story with moral को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करती है। यह कहानी बच्चों और बड़ों सभी के लिए एक Inspirational story Hindi और Karma story in Hindi है।
भोला किसान और नन्हा अतिथि (Mouse and Farmer Story)
बहुत समय पहले की बात है, 'सुखपुर' नामक एक छोटे से गाँव में सोमनाथ नाम का एक किसान रहता था। सोमनाथ के पास बहुत ज़मीन तो नहीं थी, लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था। वह एक पुरानी झोपड़ी में रहता था और दिन भर अपने छोटे से खेत में मेहनत करता था।
उसी झोपड़ी के एक कोने में एक छोटा सा चूहा भी रहता था। सोमनाथ अकेला था, इसलिए वह उस चूहे को अपना दोस्त मानता था। हर रात खाना खाने से पहले, सोमनाथ अपनी रोटी का एक टुकड़ा चूहे के बिल के पास रख देता और कहता, "दोस्त, आज का भोजन साथ करते हैं।" चूहा भी बहुत समझदार था, वह सोमनाथ के प्यार को समझता था।
चूहे का उपहार (Karma Based Moral Story in Hindi)
असल में वह चूहा कोई साधारण जीव नहीं था। वह उस झोपड़ी के नीचे दबे एक प्राचीन खजाने का रक्षक था। सोमनाथ की निस्वार्थ सेवा और दया देखकर चूहे ने उसकी मदद करने का फैसला किया।
एक सुबह जब सोमनाथ सोकर उठा, तो उसने देखा कि उसके तकिये के पास सोने का एक चमकता हुआ सिक्का रखा है। सोमनाथ हैरान रह गया! उसे लगा कि शायद किसी से गिर गया होगा। लेकिन अगले दिन फिर एक सिक्का मिला। अब हर रोज़ चूहा अपने बिल से एक सोने का सिक्का निकालता और सोमनाथ को दे देता। सोमनाथ ने उन सिक्कों से अपनी गरीबी दूर की, अच्छे बैल खरीदे और गाँव के गरीबों की मदद करने लगा।
लालची पड़ोसी 'खरगोश' की एंट्री (Greedy Neighbor Story)
सोमनाथ की अचानक बदलती किस्मत देखकर उसका पड़ोसी रामदीन जलने लगा। रामदीन बहुत चालाक और लालची था। लोग उसे उसकी फुर्ती और चालाकी के कारण पीठ पीछे 'खरगोश' कहते थे क्योंकि वह हमेशा दूसरों के धन पर झपट्टा मारने को तैयार रहता था।
खरगोश ने सोचा, "कल तक जिसके पास खाने को दाने नहीं थे, उसके पास सोने के सिक्के कहाँ से आ रहे हैं?" एक रात वह चुपके से सोमनाथ की झोपड़ी की खिड़की से झाँकने लगा। उसने देखा कि सोमनाथ चूहे को रोटी खिला रहा है और बदले में चूहा ज़मीन के नीचे से एक सोने का सिक्का निकालकर दे रहा है।
लालच का षड्यंत्र (Greed vs Kindness Story with Moral)
खरगोश की आँखों में लालच उतर आया। उसने सोचा, "यह बेवकूफ किसान रोज़ सिर्फ एक सिक्का लेता है। अगर मैं उस चूहे को पकड़ लूँ या सारा खजाना एक साथ निकाल लूँ, तो मैं राजा बन जाऊँगा!"
अगले दिन जब सोमनाथ अपने खेत पर गया, तो खरगोश एक बड़ा लोहे का पिंजरा और फावड़ा लेकर उसकी झोपड़ी में घुस गया। उसने धोखे से चूहे को पिंजरे में कैद कर लिया और चिल्लाया, "बता कमीने चूहे! सारा सोना कहाँ छुपाया है? वरना मैं तुझे मार डालूँगा!"
जादुई खजाना और उसका श्राप
डरा हुआ चूहा एक कोने की ओर इशारा करने लगा। खरगोश ने पागलों की तरह खुदाई शुरू की। कुछ ही देर में उसे एक बड़ा मिट्टी का घड़ा मिला, जो सोने के सिक्कों से ऊपर तक भरा था। खरगोश की खुशी का ठिकाना न रहा। उसने जैसे ही घड़े में हाथ डाला, एक चमत्कार हुआ।
वह खजाना जादुई था। वह केवल प्रेम देने वालों के लिए सोना था, लेकिन लालच करने वालों के लिए वह मिट्टी और जहर था। खरगोश के छूते ही सोने के सिक्के जहरीले बिच्छुओं और सांपों में बदलने लगे। झोपड़ी के अंदर से चीखें सुनाई देने लगीं।
कर्म का फल
खरगोश डर के मारे चिल्लाता हुआ झोपड़ी से बाहर भागा। उसके पीछे बिच्छू दौड़ रहे थे। वह भागते-भागते गाँव के गंदे नाले में गिर गया। इसी बीच, सोमनाथ वहाँ पहुँच गया। उसने देखा कि उसका छोटा दोस्त चूहा पिंजरे में बंद है। उसने तुरंत चूहे को आजाद किया।
जैसे ही सोमनाथ ने घड़े को छुआ, वह फिर से शुद्ध सोने के सिक्कों से भर गया। लेकिन सोमनाथ ने चूहे से कहा, "मित्र, मुझे यह धन नहीं चाहिए। इस धन ने मेरे पड़ोसी के मन में जहर भर दिया और तुम्हारी जान खतरे में डाल दी। मुझे मेरी मेहनत की रोटी ही पसंद है।"
निष्कर्ष (Conclusion & Moral)
सोमनाथ ने वह खजाना वापस ज़मीन में दबा दिया। खरगोश को अपनी गलती का अहसास हुआ और वह शर्मिंदा होकर गाँव छोड़कर चला गया। सोमनाथ और उसका दोस्त चूहा हमेशा साथ रहे और सुख-शांति से जीवन बिताया।
इस कहानी के अंत में किसान को यह समझ आ जाता है कि लालच ने ही उसे उसके मित्रों और शांति से दूर कर दिया था। चूहे की चतुराई और खरगोश की समझदारी ने मिलकर समस्या का ऐसा समाधान निकाला, जिससे न केवल फसल बची बल्कि गांव में फिर से भरोसा और सहयोग लौट आया।
किसान ने अपनी गलती स्वीकार की, पशु मित्रों से क्षमा मांगी और साझा करने का वादा किया। अंततः गांव में उत्सव मनाया गया, खेतों में हरियाली लौटी और सभी ने मिलकर सुख-शांति से जीवन बिताना शुरू किया। यह एक सुखद और प्रेरणादायक अंत था, जहाँ लालच की हार और बुद्धिमत्ता व सहयोग की जीत हुई।
सोमनाथ ने खजाना ठुकरा दिया और मेहनत की रोटी को चुना। यह अध्याय खास तौर पर Inspirational Hindi kahani for students और Kids moral story Hindi with lesson के लिए उपयुक्त है।
यह Short moral story for kids in Hindi हमें सिखाती है कि संतोष, दया और ईमानदारी से ही सच्ची खुशी मिलती है।
🌱 कहानी की सीख / Moral of the Story
- लालच हमेशा नुकसान पहुँचाता है, जबकि समझदारी समाधान लाती है।
- सहयोग और टीमवर्क से बड़ी से बड़ी समस्या हल हो सकती है।
- दया, ईमानदारी और साझा करने से विश्वास बनता है।
- पशु हों या मनुष्य, बुद्धिमत्ता और शांति सबसे बड़ी शक्ति हैं।
- गलतियों को स्वीकार कर सुधार करना ही सच्चा विकास है।
लालच इंसान को अंधा बना देता है, जबकि दया और संतोष जीवन को सुखी बनाते हैं।
यह कहानी एक संपूर्ण Hindi folk tale with moral है, जो बच्चों और बड़ों सभी के लिए उपयोगी है।
सीख: लालच इंसान को अंधा बना देता है, जबकि संतोष और दया जीवन को खुशहाल बनाती है।
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