Motivational story in hindi for students | संघर्ष की राह पर: एक प्रेरणादायक कहानी
क्यों जरूरी है Motivational Story in Hindi for Students?
आज के competitive world में हर student को motivation की जरूरत है। जब पढ़ाई का pressure होता है, घर में problems होती हैं, और लोग demotivate करते हैं, तब एक motivational story in Hindi for students आपको नई ऊर्जा दे सकती है।
आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी real-life inspirational story जो आपके दिल को छू जाएगी और आपको success के लिए प्रेरित करेगी।
यह motivational story in Hindi for students उन सभी विद्यार्थियों के लिए है जो:
गरीबी से जूझ रहे हैं
परिवार में problems हैं
लोग उन्हें discourage करते हैं
पढ़ाई में मन नहीं लगता
life में हार मानने वाले हैं
तो चलिए शुरू करते हैं यह प्रेरणादायक कहानी...
Motivational Story in Hindi for Students: परिवार का परिचय
गांव के छोटे से घर में शर्मा परिवार रहता था। पिता रामप्रसाद जी एक छोटी सी किराने की दुकान चलाते थे। माँ सुमित्रा देवी घर संभालती थीं। उनके चार बच्चे थे—बड़ा बेटा राजेश, मंझला विकास, छोटा अंकित, और सबसे छोटी बेटी प्रिया।
रामप्रसाद जी की उम्र अब 65 पार हो चुकी थी। शरीर कमजोर हो गया था। माँ सुमित्रा देवी को भी घुटनों में दर्द रहता था। फिर भी दोनों अपने बच्चों के भविष्य के लिए मेहनत करते रहे।
कहानी का Turning Point: बड़े भाई की शादी
राजेश की उम्र 28 हो गई थी। पिताजी ने अपनी जमीन बेचकर धूमधाम से उसकी शादी करवाई। बहू ममता घर आई।
शुरू के कुछ दिन तो सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे ममता का असली रूप सामने आने लगा।
"मुझे अलग रसोई चाहिए!"
"यह बूढ़े सास-ससुर मुझसे काम करवाते हैं!"
"इन छोटे देवर-ननद को पढ़ाने का खर्चा क्यों उठाएं?"
हर रोज घर में कलह होने लगी। ममता माँ को ताने देती। पिताजी को अपमानित करती। राजेश भी पत्नी के सामने चुप रहता।
टूटते सपने, बिखरता परिवार
एक दिन ममता ने साफ कह दिया:
"या तो इन बूढ़ों को वृद्धाश्रम भेजो, या मैं मायके जाती हूं!"
यह सुनकर माँ सुमित्रा की आंखों से आंसू बह निकले। पिताजी का दिल टूट गया। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बच्चों के लिए समर्पित कर दी थी। आज वही बच्चा उन्हें बोझ समझ रहा था।
16 साल के अंकित और 14 साल की प्रिया ने यह सब अपनी आंखों से देखा। दोनों के दिल में गहरा दर्द था, लेकिन साथ ही एक आग भी जल उठी थी।
संकल्प की शुरुआत
उस रात अंकित और प्रिया छत पर बैठे थे। आसमान में तारे टिमटिमा रहे थे।
प्रिया ने कहा, "भैया, हम कभी माँ-पापा को ऐसे नहीं रोने देंगे।"
अंकित ने उसका हाथ पकड़ा और कहा:
"प्रिया, आज से हमारा एक ही लक्ष्य है - पढ़ाई। हम इतने काबिल बनेंगे कि माँ-पापा को कभी किसी के आगे झुकना नहीं पड़ेगा।"
उस रात दोनों ने एक प्रण लिया—चाहे कुछ भी हो जाए, हम अपने माता-पिता का सम्मान वापस लाकर रहेंगे।
Student Life का कठिन संघर्ष का सफर
हर successful student की life में challenges आते हैं। अंकित और प्रिया के सामने भी कई मुश्किलें आईं:
अगले दिन से दोनों की जिंदगी बदल गई।
अंकित का संघर्ष:
सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई
स्कूल के बाद पिताजी की दुकान पर मदद
रात 11 बजे तक पढ़ाई
ट्यूशन के पैसे नहीं थे, तो लाइब्रेरी से किताबें लाता
कभी-कभी भूखे पेट स्कूल जाता
प्रिया का संघर्ष:
घर का सारा काम करती
भाभी के ताने सुनती, फिर भी चुप रहती
रात को छिपकर टॉर्च की रोशनी में पढ़ती
एक ही यूनिफॉर्म को धोकर पहनती
कभी शिकायत नहीं की
अपमान जो प्रेरणा Motivation बन गए
यह motivational story in Hindi for students में सबसे important lesson है।
एक दिन ममता ने अंकित से कहा:
"तुम पढ़-लिखकर क्या करोगे? तुम्हारे बाप के पास पैसे नहीं हैं। जाओ दुकान संभालो!"
अंकित ने कुछ नहीं कहा। बस मुस्कुराया और अपनी किताब उठाकर चला गया।
वह अपमान उसने अपनी diary में लिख लिया और लिखा:
"आज का अपमान, कल की सफलता की नींव है।"
प्रिया को भी कई बार सुनना पड़ता:
"लड़कियों को इतना पढ़ने की क्या जरूरत? शादी करके चली जाएगी!"
प्रिया जवाब देती:
"मैं पढ़ूंगी, आगे बढ़ूंगी, और एक दिन अपने माता-पिता का नाम रोशन करूंगी!"
माता-पिता का Support
माँ सुमित्रा देवी हर रात बच्चों के लिए प्रार्थना करतीं। वो अपना खाना कम करके बच्चों को देतीं।
पिताजी ने अपनी एक और जमीन बेच दी ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
एक रात पिताजी ने अंकित से कहा:
"बेटा, मुझे कुछ नहीं चाहिए। बस तुम दोनों पढ़ो और अच्छे इंसान बनो। यही मेरी असली दौलत है।"
अंकित की आंखों में आंसू आ गए। उसने पिताजी के पैर छुए और कहा:
"Papa, मैं आपको निराश नहीं करूंगा।"
परीक्षा की घड़ी- Motivational Story in Hindi for Students: Exam की तैयारी
साल बीतते गए। अंकित ने 12वीं में 94% अंक प्राप्त किए। प्रिया ने भी 90% से ऊपर अंक लाए।
लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी थी—सरकारी नौकरी की परीक्षा।
अंकित ने UPSC की तैयारी शुरू की। प्रिया ने बैंक PO की।
तैयारी के दौरान:
दिन में 14-16 घंटे पढ़ाई
कोई कोचिंग नहीं, सिर्फ YouTube और किताबें
कई बार असफलता मिली
लोगों ने मजाक उड़ाया
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भाभी ने और ज्यादा ताने दिए
लेकिन दोनों ने हार नहीं मानी!
पहली असफलता-First failure
हर motivational story in Hindi for students में failures का जिक्र जरूरी है। अंकित का पहला UPSC प्रयास असफल रहा। वह टूट गया।
उस रात वह अकेले छत पर बैठकर रो रहा था। तभी माँ आईं और उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बोलीं:
"Son, हार तो तभी होती है जब तुम कोशिश करना छोड़ दो। तुमने कोशिश की, यही तुम्हारी जीत है। अगली बार और मेहनत करना।"
माँ की यह बात अंकित के दिल में उतर गई। उसने फिर से किताबें उठाईं।
सफलता का सूर्योदय
तीन साल बाद...
वह दिन आ गया जिसका इंतजार था।
अंकित का नाम UPSC की मेरिट लिस्ट में था—वह IAS बन गया!
प्रिया ने SBI PO की परीक्षा पास की—वह बैंक अधिकारी बन गई!
जब result आया, तो पूरा गांव उनके घर आया। वही लोग जो कभी ताने देते थे, आज बधाई दे रहे थे।
माँ और पापा की आंखों से खुशी के आंसू बह रहे थे।
बदला नहीं, प्यार और माफी
इस motivational story in Hindi for students का सबसे beautiful part यह है।अब अंकित और प्रिया के पास सब कुछ था—पैसा, इज्जत, और पावर।
वे चाहते तो बड़े भाई और भाभी से बदला ले सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
अंकित ने बड़े भाई राजेश को गले लगाया और कहा:
"भाई, आप हमारे बड़े हैं। जो हुआ सो हुआ। अब से हम सब साथ रहेंगे।"
भाभी ममता को अपनी गलती का एहसास हुआ। वह माँ के पैरों में गिर पड़ी:
"माँ, मुझे माफ कर दो। मैंने बहुत गलत किया।"
माँ ने उसे गले लगा लिया। क्योंकि माँ तो माँ होती है।
New Beginning: नया घर, नई जिंदगी
अंकित और प्रिया ने अपनी पहली सैलरी से माता-पिता के लिए एक सुंदर घर बनवाया।
उस घर के बाहर एक बोर्ड लगाया:
"शर्मा निवास—जहाँ संघर्ष ने सफलता को जन्म दिया"
माँ-पापा अब उस घर में राजाओं की तरह रहते हैं। उनकी सेवा होती है। उनका सम्मान होता है।
अंकित का संदेश - Motivational Story in Hindi for Students: छात्रों के लिए Key Lessons
IAS अंकित शर्मा अब स्कूलों में जाकर बच्चों को motivate करते हैं। वे कहते हैं:
"दोस्तों, गरीबी तुम्हारी पहचान नहीं है। संघर्ष तुम्हारी कमजोरी नहीं है। यह तुम्हारी ताकत है।
जब कोई तुम्हें ताने दे, तो गुस्सा मत करो। उस ताने को अपनी पढ़ाई में लगाओ।
जब परिस्थिति कठिन हो, तो याद रखो—हीरा भी दबाव में ही बनता है।
तुम्हारे माता-पिता ने तुम्हारे लिए बहुत कुछ सहा है। उनका कर्ज चुकाने का एक ही तरीका है—पढ़ो और आगे बढ़ो।
सफलता रातोंरात नहीं मिलती। लेकिन अगर तुम रोज एक कदम आगे बढ़ते रहे, तो एक दिन मंजिल जरूर मिलेगी।"
प्रिया का संदेश - लड़कियों के लिए
बैंक अधिकारी प्रिया शर्मा कहती हैं:
"बहनों, कभी मत सोचो कि लड़कियां कुछ नहीं कर सकतीं।
तुम्हें रोकने वाले बहुत मिलेंगे। लेकिन तुम्हें बढ़ते रहना है।
पढ़ाई तुम्हारा हथियार है। इसे कभी मत छोड़ो।
एक दिन तुम अपने माता-पिता का गर्व बनोगी।"
कहानी से सीख-Moral of Story
कठिन समय गुजर जाता है। बस डटे रहो।
जो लोग तुम्हें गिराते हैं, उन्हें अपनी सफलता से जवाब दो।
वे तुम्हारे लिए सब कुछ सहते हैं। उनका कर्ज चुकाओ।
पढ़ाई ही तुम्हारी जिंदगी बदल सकती है।
एक बार असफल हो, तो दोबारा कोशिश करो। सफलता जरूर मिलेगी।
FAQs: Motivational Story in Hindi for Students
A: यह story हर उस student के लिए है जो life में struggle कर रहा है, financially weak है, या लोगों के taunts सुनता है।
Q2: क्या यह real story है?
A: A story based on real-life experiences. ऐसे हजारों students हैं जिन्होंने इसी तरह struggle करके success पाई है।
Q3: Students को इस story से क्या सीखना चाहिए?
Q4: गरीब students कैसे successful बन सकते हैं?
A: Free resources जैसे YouTube, Library, और Government schemes का use करके। मेहनत और dedication से कुछ भी possible है।
Q5: UPSC या Bank exams की तैयारी कैसे करें?
Conclusion: आपके लिए Final Message
यह motivational story in Hindi for students आपको यह बताती है कि:- परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, आप बदल सकते हैं।
- अपमान आपको कमजोर नहीं, मजबूत बनाता है।
- माता-पिता का आशीर्वाद सबसे बड़ी शक्ति है।
- पढ़ाई ही आपकी जिंदगी बदल सकती है।
- एक decision आपका पूरा future बदल सकता है।
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👉 Action लो—आज से अपनी पढ़ाई पर focus करो
Final Quote
"सपने वो नहीं जो सोते वक्त आएं,
सपने वो हैं जो सोने न दें।"
- Dr. APJ Abdul Kalam
जय हिंद! 🇮🇳
आपकी success की कामना के साथ...
आशा है यह कहानी आपको प्रेरित करेगी। अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहिए!
